चरणों की धूलि
पंडित प्रभाकर मिश्र
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत
About
यह रचना एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव को दर्शाती है, जिसमें तानपुरा की गूँजती हुई ध्वनि और तबले का लयबद्ध चक्र एक शांत वातावरण तैयार करते हैं। राग आधारित सुधारों और स्वर-विस्तार के माध्यम से यह गीत प्रभु भक्ति की पराकाष्ठा को व्यक्त करता है।
Lyrics
मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मितो मां के देव थाने मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मितो मां के देव थाने मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मूर्चा पुर्णा विश्णु स्वामी मैं तुम्हे स्वर सुना दिया मूर्चा पुर्णा विश्णु स्वामी मैं तुम्हे स्वर सुना दिया तुम सुनने चाहे मैं सुनू सुनू सुनने चाहे तुम्हे स्वामी मेरे दिया मैं तुम्हे दिया मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां मेरे स्वामी देव के मेरी अपुना हीरे मां
चरणों की धूलि
पंडित प्रभाकर मिश्र
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