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Duration2:51
बीते पलों की धूल
उस्ताद ज़मान ख़ान
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत
About
यह रचना समय की अनित्यता को दर्शाती है, जिसमें तानपुरा की गूंज और तबले के जटिल ताल चक्र का सूक्ष्म मेल है। राग आधारित स्वर-विस्तार और आलाप के माध्यम से जीवन की नश्वरता को एक गंभीर और ध्यानमग्न वातावरण में पिरोया गया है।
Lyrics
अभास जाऊठ जुम्माम ताईशं अभास जाऊठ जुम्माम ताईशं अभास जाऊठ जुम्माम ताईशं अभास जाऊठ जुम्माम ताईशं अभास जाऊठ जुम्माम ताईशं अभास जाऊठ जुम्माम ताईशं
बीते पलों की धूल
उस्ताद ज़मान ख़ान
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