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Duration3:08

ऋतु चक्र का मौन

पंडित मेघराज ठाकुर

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत

About

यह रचना तानपुरे की गूँज और तबले के जटिल ताल चक्र के साथ शुरू होती है, जिसमें राग आधारित मधुर सुधार (इम्प्रोवाइज़ेशन) का समावेश है। यह गीत प्रकृति के बदलते मौसमों और मानवीय भावनाओं के गहरे जुड़ाव को शास्त्रीय गायन शैली में प्रस्तुत करता है।

Lyrics

अखों से तुम मेरे पास चल रही आदत ये है ये दिल बैचारा है ये साथ है मुश्किल है जो तुम से समझा नहीं ले कैसा इशारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है मेरी संसो तेरा नाम भी रहे है प्यार मेरे मुश्किल सा प्यारा है मेरा प्यार तेरे दिल में मैं नहीं जीता दिल में सारा है

ऋतु चक्र का मौन

पंडित मेघराज ठाकुर

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