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Duration3:36

सावन की सूनी रैन

रागिनी प्रिया

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत

About

यह रचना एक गहरे विरह को समर्पित है, जिसमें तानपुरा के निरंतर ड्रोन और तबले के जटिल ताल चक्र का अद्भुत समन्वय है। राग के सूक्ष्म अलंकारों और आलाप के माध्यम से प्रियतम से बिछड़ने की टीस को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

Lyrics

शहर सजा सुमंदारी को सजाया यहां कारों में है खुश मुखारी शुकुराई मासूर उसे मदद में भुलाई माही यहां से याद खाल है मेरे जैसे पो समाई यहां से याद खाल है मेरे जैसे पो समाई यहां से याद खाल है मेरे जैसे पो समाई निकला है ना जाना जो अपनी बंदर पहड़े से अपनी बंदर पहड़े से अपनी बंदर पहड़े से यहां पहड़े से यहां पहले जा रहो नाचने को जीवन मिला यहां पहले जा रहो नाचने को जीवन मिला यहां पहले जा रहो नाचने को जीवन मिला मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर हर नाके में आँज चकाए वो सजन साथ से मेरे सजन साथ यह नाते हर दिन भी जाना दे मेरे दिल पे मात स्वराना दे मेरे दिल पे मात स्वराना दे यहां मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर हर नाके में आँज चकाए वो सजन साथ से मेरे सजन साथ यह नाते हर दिन भी जाना दे मेरे दिल पे मात स्वराना दे मेरे दिल पे मात स्वराना दे मेरे दिल पे मात स्वराना दे मेरा नाया जीवन में मेरे अंधे में अगर

सावन की सूनी रैन

रागिनी प्रिया

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सावन की सूनी रैन by रागिनी प्रिया | EchoLoRA: Generate a Song with AI