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Duration3:04

साजन प्रतीक्षा

उस्ताद इकबाल रशीद

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत

About

यह रचना एक भावुक शास्त्रीय प्रस्तुति है जिसमें तानपुरा का निरंतर ड्रोन, तबला का लयबद्ध चक्र और राग आधारित मधुर आलाप का अद्भुत सामंजस्य है। इसमें विरह की पीड़ा को शास्त्रीय गायन की बारीकियों और सूक्ष्म अलंकारों के माध्यम से अत्यंत मार्मिक ढंग से व्यक्त किया गया है।

Lyrics

यहां जहां पास भाई स्वामी निक जाया इस सास पास मौत मैं चोड़ा सावस सुने इस पूर्णी साज उसकी दुनिया वाले के लिए दूर सुनाओं जान मैं सनहा पे भुले पे तेरी मैं सुना पास अश्रुओं की स्याही से तुम बिन सुना आंगन मेरा तुम बिन फीखा हर एक सवेरा पत जड़ सी छाई जीवन में उदासी कब लोटेगी प्रीतम की हसी साजन तुम बिन जिया न लागे साजन तुम बिन जिया न लागे साजन तुम बिन जिया न लागे साजन तुम बिन जिया न लागे साजन तुम बिन जिया न लागे साजन तुम बिन जिया न लागे तुम आओगे विश्वास यही है तुम आओगे विश्वास यही है तुम आओगे विश्वास यही है तुम आओगे विश्वास यही है

साजन प्रतीक्षा

उस्ताद इकबाल रशीद

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