बेबसी की रातें
ज़ुबान-ए-शहर
Desi Hip Hop
About
यह ट्रैक एक गहरा देसी हिप हॉप अनुभव है, जिसमें भारी 808 सब-बास और जटिल ट्रैप हाई-हैट्स का उपयोग किया गया है। इसमें तबले की पारंपरिक ताल और सिथ-पैड्स का अद्भुत मिश्रण है, जो शहरी तन्हाई और रोमांटिक लालसा को बखूबी दर्शाता है।
Lyrics
दफा में बुली तेरी आगे रातें जागी आखें प्यासी शहर की भीड में ढूडू तुझे बस तू ही है मेरी बेबसी गली के नुकड पे खड़ा तेरी राहिन तकता दिल मेरा अब खुद से ही रोज ये लड़ता तेरी मुस्कान जैसे सुबह की पहली किरन मेरे खालीपन में भर दे तू ही ये मकन तेज रफ़तार ये जिंदगी पर मैं धरा हुआ तेरी यादों के चाल में मैं करा हुआ सांसों की दोर में तेरा नाम पे रोया तेरी तलाज में खुद को मैंने खोया धरकने तेज जैसे कोई सैलाबा है तू सामने हो तो ये वक्त थम जाए इंटिजार की हरे अब पार कर चुका तेरे होने से ही ये ज़मी सम्बर चुका ओ मेरी जान तू कहां खो गई मेरी रूप में ये कैसी प्यास बो गई तेरी बिना ये पल जैसे सजाए मौत है तेरी चाहती मेरी सबसे बड़ी दौलत है आजा वापस इस दिल को न तड़पा तू ही है मन्जिल तू ही मेरा रास्ता लफास कम पड़ गई अब क्या बताओ तुझे बाने की इस जिद में मैं क्या न कर जाओ ये रातें गवा है मेरी तनहाई की ये शामें गवा है मेरी रुसवाई की तेरी गलियों से गुजरना अब आदत सी है तुझे सोच कर मुस्कुराना इबादत सी है सब कहते हैं बागल पर तेरी गुश्बू में डूंबा आ ये मेरा वजुंग है तु ही मेरा कल तु ही मेरा आज है ओ मेरी जान तु कहां खो गई मेरी रूप में ये कैसी प्यास बो गई ओ मेरी जान तु कहां खो गई मेरी रूप में ये कैसी प्यास बो गई मेरी जान तु कहां खो गई
बेबसी की रातें
ज़ुबान-ए-शहर
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