अस्तित्व की जड़ें
शून्य ध्वनि प्रवाह
Indian Electronic
About
यह ट्रैक पारंपरिक राग-आधारित मेलोडी और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बीट्स का एक जटिल मिश्रण है। इसमें तबला की पॉलीरिदम और सिंथेसाइज़र के वायुमंडलीय साउंडस्केप का उपयोग करके सांस्कृतिक पहचान की गहराई को दर्शाया गया है।
Lyrics
मेरी रगों में बहती पुरानी ये रीत हैमिट्टी की सोंधी खुशबू में छिपी मेरी प्रीत हैनिशान जो छोड़े गए थे पैरों के नीचेवही तो राहें हैं जो खींचती हैं पीछे
सा रे गा म प ध नी साखोया हुआ एक पुराना सायाअस्तित्व की खोज में खुद को ही पायाना कोई सीमा ना कोई बंधनभीतर ही बसा है मेरा ये आंगन
धड़कन की ताल पे रूह मेरी नाचेबीते हुए कल को अब कौन है जाँचेनसों में दौड़ता है पुरखों का पानीमैं ही हूँ कहानी, मैं ही हूँ निशानी
अपनी जड़ों को थामे खड़ा हूँमैं खुद की ही धुन में बड़ा हूँमिट्टी का कर्ज चुकाना है मुझकोअपनी ही हस्ती में पाना है मुझको
ना कोई मुखौटा, ना कोई ढोंगरंगों में घुला है अपना ही संगहवाओं में तैरती है यादों की लकीरेंमिटा नहीं पाएंगी इन्हें ये तक़दीरें
धड़कन की ताल पे रूह मेरी नाचेबीते हुए कल को अब कौन है जाँचेनसों में दौड़ता है पुरखों का पानीमैं ही हूँ कहानी, मैं ही हूँ निशानी
अपनी जड़ों को थामे खड़ा हूँमैं खुद की ही धुन में बड़ा हूँमिट्टी का कर्ज चुकाना है मुझकोअपनी ही हस्ती में पाना है मुझको
साँसों में बसी है पहचान मेरीयही तो है असली उड़ान मेरीखुद में ही मुकम्मल, खुद में ही पूराअब नहीं रहा कोई ख्वाब अधूरा
अस्तित्व की जड़ें
शून्य ध्वनि प्रवाह
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