मिट्टी और मशीन
ध्रुव तारा
Indian Electronic
About
यह ट्रैक पारंपरिक राग-आधारित बांसुरी की धुनों को आधुनिक सिंथेसाइज़र और जटिल तबला तालों के साथ जोड़ता है। इसमें आधुनिक जीवन की भागदौड़ और पुरानी जड़ों के बीच के संघर्ष को एक गहरे इलेक्ट्रॉनिक साउंडस्केप के माध्यम से दर्शाया गया है।
Lyrics
बिक्टी की सोन धीमा खो गई है कहीं कांच की उची मार थोड़े बंद या इसाजों में खोड़ी है अब धोए की लकीर बढल दईया अपनी पुरानी तकदीर बिक्टी की सोन धीमा खो गई है कहीं कांच की उची मार थोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खो गई है कहीं कांच की उची मार थोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खो गई है कहीं कांच की उची मार थोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खो गई है कहीं कांच की उची मार थोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खो गई है कहीं कांच की उची मार थोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खोड़े बंद या इसाजों में खोड़े बिक्टी की सोन धीमा खोड़े बंद या इसाजों में खोड़े
मिट्टी और मशीन
ध्रुव तारा
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