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Duration3:03

मेरे वतन की धड़कन

रुद्र प्रताप सिंह

Bollywood

About

यह गीत एक भव्य बॉलीवुड देशभक्ति रचना है जिसमें पारंपरिक तबला ताल और आधुनिक सिंथेसाइज़र का मिश्रण है। इसमें स्ट्रिंग आर्केस्ट्रा की गूँज और राग-आधारित मधुर स्वर हैं जो राष्ट्रीय गौरव की भावना को गहराई से व्यक्त करते हैं।

Lyrics

हिष्ट बंध है सदा काम सौसो उजु है सदा दिल पे दुरी इत्यास लिखा है हर शहिद के लहुने एक खाब लिखा होठू अब वक्ता आया है कुछ कर दिखाने का परचम को आसमान तक ले जाने का शुख में तप के हम निखरते चले गए कुण तू भरी रहों से भी गुजरते चले चले गए मिटी के कज को हम अदा करते रहे हंस के मुश्के हर मुश्किल कले भरते रहे ये वतन में वो मेरा भाई है देश नहीं ये तो रुह की कहरा ये है तुकी अब हर देश तर वस यही एक बाट हम सब एक है ग्रेसंगम ग्रेसंगम

मेरे वतन की धड़कन

रुद्र प्रताप सिंह

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