Skip to content
तमाशा-ए-ज़िंदगी
Duration3:10

तमाशा-ए-ज़िंदगी

ज़ाहिर नादान

Bollywood

About

यह गीत एक सामाजिक ड्रामा है जो जीवन के मुखौटों और भीड़ में अकेलेपन को दर्शाता है। इसमें तबला की गहरी थाप और स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा का शानदार मिश्रण है, जो राग-आधारित धुनों के साथ एक भावुक माहौल बनाता है।

Lyrics

मैं तेरे दिल में शोलान लोड़ूम तेरा ये आँसू भी मैं उसे पुले लोड़ूम तेरा सच मुहबट जो ना रहता आँखों में सीखूंगा तेरा नादान मैं नपता आँखों में पगधूंगा तेरा एक बात तेरा नादान तेरा आँखों में सीखूंगा तेरा नादान तेरा नादान तेरा नादान मैं आँखों में पगधूंगा ये समय ये आँखों में सारा खाल तेरी चुपड के नादान में बोलता ये सवल ये चांद का बोजल ये हम के पहल तेरी चुपड के नादान में जीविका साल ये दुनिया है एक तमाशा सब किरदार निभाते हैं हसते हुए चेहरों में भी हम आंसु चुपाते हैं कौन अपना है यहां कौन पराया है इस भीड़ भरी दुनिया ने क्या खूब रंग दिखाया है मैं तेरे दिल में शोला नहीं लोटूंगा तेरा ये आंसु भी मैं उसको लोटूंगा तेरा सच महबत जो ना रहता आखों में सीखूंगा तेरा नादा मैं नपता आखों में पगदूंगा तेरा एक बात तेरा नादन तेरा आखों में सीखूंगा तेरा नादन तेरा नादन तेरा नादन मैं आखों में पगदूंगा ये समय ये आखों में सारा खाल तेरे चुपर के नादन ये समय ये आखों में सारा खाल तेरे चुपर के नादन में सारा खाल तेरे चुपर के नादन में सारा खाल

तमाशा-ए-ज़िंदगी

ज़ाहिर नादान

Preview

तमाशा-ए-ज़िंदगी by ज़ाहिर नादान | EchoLoRA: Generate a Song with AI