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Duration3:49

असली दौर

शून्य शिखर

देसी हिप हॉप

About

एक शक्तिशाली देसी हिप हॉप ट्रैक जिसमें भारी 808 सब-बास और पारंपरिक ढोलक की थाप का अनूठा मेल है। यह गाना व्यक्तिगत संघर्ष और सफलता की यात्रा को दर्शाता है, जिसमें बहुभाषी प्रवाह और सामाजिक यथार्थ का समावेश है।

Lyrics

अंदेरी गलियों का ये शुर हैरी मंजिल अभी थोड़ी और है जो गिरा था वो अब संभल गया ये वक्त ही मेरा अस्ली दौर है खाली जेब और आँखों में सपने बड़े वाके रूख के खिलाफ हम यहां खड़े लोगों ने कहां तू बस एक चोटा सा खिलाडी मैंने सीने में अपनी पूरी दबाली वो कुछ देते रास्ता मैंने खुद बनाया है अपनी मैं नप्त का पसीना मैंने ही कमाया है अंदी का बहाव मैंने मोड़ना सीख लिया कांटों के बीच ही मैंने दौड़ना सीख लिया बीट बीचे जो बातें करते थे जमाने में अब वो नाम ढूंढते हैं मेरे ठीकाने में होसले बुलंद अब डर का नाम नहीं खुद की तलाश में है ये सारा काम ये ही जो कल तक पठड थे अब वो आईना है मेरी जीत की गवाही देते ये जमाना है उड़ान मेरी उची आसम भी छोटा है किसमत का तालाब अब खुद ही तोड़ा है लड़ना है मुझे गिरना है मुझे बनी ही राहों में चलना है मुझे मेरी जंग है ये मेरा जुनून है मेरे ही लहूं का ये असली खूण है शार की भीड में मैं अपनी पैचार उडान ढूंडता हूँ खामोश रातों में मैं अपनी उडान ढूंडता हूँ संजीरे तोड़ी है मैंने खुद की पैरों की अब आदत पड़ गई है मुझे उची घेरों की जो कल तक हंसते थे मेरी नकामियों पर अब वो जुकते है मेरी नकामियों पर वक्त की चाल है मैं इसमें माहिर हूँ मैं खुद की कहानी का सबसे बड़ा जाहिर हूँ रास्ता कटिन है पर मंदल साफ है मेरी मैनत ने मुझे दिया इंसाफ है पीछे मुढ कर देखना अपुरानी बात है आज की रात ही मेरे हाथ में जजबात है उड़ान मेरी उची आसमा भी चोड़ा है किसमत का ताला अब खुद ही तोड़ा है लड़ना है मुझे गिरना है मुझे बनी ही राहों में चलना है मुझे मेरी चंग है ये मेरा जुनून है मेरे ही लहूं का ये असली फून है ये मेरी दास्तान ये मेरा सफर है जो भी हुआ वो अब सब बैसर है अब न रुकना है मुझे इस दुनिया की भीड में अपना जुकना है मुझे मन्जिल मिल कई है अब सागे जाना है इतिहास मुझे हाथों से बनाना है

असली दौर

शून्य शिखर

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असली दौर by शून्य शिखर | EchoLoRA: Generate a Song with AI