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Duration3:28

मिट्टी का स्वाभिमान

माटी मर्द

देसी हिप हॉप

About

यह ट्रैक भारी 808 सब-बास और जटिल ढोलक तालों का एक शक्तिशाली मिश्रण है, जो देसी हिप हॉप की जड़ों को आधुनिक ट्रैप बीट्स के साथ जोड़ता है। इसमें कलाकार की सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान को दर्शाते हुए बहुभाषी प्रवाह और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का उपयोग किया गया है।

Lyrics

एक ऊगु मैं इनसा हूँ अहे अपकृति ये अबतौर मैं ये चन्ड मैं इनसा हूँ ये एक विद्या शैता हूँ अपनों मन में ने जो पूरा विताया बुल्बला मैं इनसा हूँ अधिति ये लाई दिती अच्छे सच वोरों दो को गाड़ा पूरा मैं फूब मैं इसान हूँ अधिति ये लाई दिती अपना सच वोरों दो को गाड़ा पास बूने नहे रुसकों को इसे कर वो दे निकलू ये दर्द ये दुनिया दिखे चिन को न ये जीवन मेरे मात हम नहीं नाम तेरे मात हम नहीं आसमलेस भी मेरा अंगाज वही आज भी मेरा अंगाज है ये मेरी मिट्टी से जुड़ा हूँ आसमान को जूता हूँ मैं अपनी ही शर्तों पे खुद को बुनता हूँ ये मेरी मिट्टी ये मेरा लेजा ये मेरी बचान मेरी रगो में दोना है ये मेरी मिट्टी ये मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी रगो मेरी � अधिति ये लाइबिति अपना सच मुरुदों को गड़ा पास बोले नहें रुसे कुड़ो इसे गर्वते निकलो ये दर्दिया दिखिया खाई मेरे तू पेटे अधिति ये लाइबिति अधिति ये दर्दिया दिखिया खाई मेरे तू पेटे अधिति ये लाइबिति अधिति ये दर्दिया दिखिया खाई मेरे तू पेटे

मिट्टी का स्वाभिमान

माटी मर्द

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मिट्टी का स्वाभिमान by माटी मर्द | EchoLoRA: Generate a Song with AI