سیاہ ایوان
آتشِ قلم
Pakistani Hip Hop
About
یہ ٹریک ایک گہرا اور جارحانہ ہپ ہاپ ہے جس میں بھاری 808 بیس لائنز کے ساتھ روایتی ستار کے نمونے شامل کیے گئے ہیں۔ اس کی پروڈکشن میں سماجی کرپشن کے خلاف احتجاجی لہجہ نمایاں ہے جو جدید ٹریپ بیٹس اور پر اثر اردو شاعری کا امتزاج ہے۔
Lyrics
एहर चेरे पनकाब हर हात में एक जरहे आवास दबी हुई सच कागला गोंट अग्या जो बोला हक असे हिसला खुम्मेन तो लगिया करसी के पचारे अनकी आनको में हंदी राहे खुम्बसी ना करीब का अनकार आज लगी राहे बड़े बोड़े वैटे कागसों की कश्टी में बहगे हम तो बस तमाश रहे अपने ही घरमीन सहगे इवानों के मकीन खुद को ख़ुदा समझे बीठे गरीब की रोटी चीर अपने तचूरियां बहर बीठे कौनून के रकावले खुदे ही कौनून थोड़ते हैं ये वो पेड़ीडियन जो अपनों का ही गला मरूबात हैं यी जी साखील है जहां इनसाफ बकता है यी किसा दूर है जहां हर सामीर सस्ता है करशन की ओगमी भुरा मल चल रहा है खूने नहक का दर्या हर गलमी चल रहा है तीरे महल की चमक बीरी बस्ती के अंतीरे हिंगें जो गंटे बूए तोने वही तीरे सुवीरे हिंग तावों में लखा है आदला के कप में डाके हैं तोने आदला के कप में डाके तोने करीब के खौबों पे अपना ही नाम लखा है तीरे जुर्द के बलंदे अब दीवारी बन जगे ही ना हम जीसे केई लोग अब सवाल बन जगे ही ना कोई दर ना कोई शरम बस उसका ना शेहतर जीसे जॉलमों का ही गला मरोड़े अटो के अब वक्त पर ये गुमने वल्ला है ये जॉलम का नसम अब तोटने वल्ला है हकीगत की धोटमी तमहारे नगाब गगलींगे मारी खौबूशी के शूरमी इवन सब हलींग या अब ना कोई समझू तत्या वादे मारी बीदारी तमहारा सब से बहा है यी कीसा खील है जहाँ इनसाब पक्ता है यी कीसा दूर है जहाँ हर समीर सस्ता है करशंखी ओग भी पुरामल जल रहा है हून नारका दारिया हर गली में चल रहा है दब और छट का सच सौमने आएगा हर लगी राजने अंजों खूब आएगा ये जमीत अब चीख रही है अंसाफ मान रही है तीरी हक्मरान का सूर्च अब तूबने वला है तूबने वर है सब खच मटने वला है खकी जीत होगी नीरा चट जाएगा अंसाफ का सूर्च परसे न कुलोएगा
سیاہ ایوان
آتشِ قلم
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