شانِ نگاہِ ربانی
سعید رضوی
Hamd
About
ایک پرسکون اور روحانی حمد جس میں ہارمونیم کی دلکش دھن اور طبلے کی روایتی تھاپ کو نمایاں کیا گیا ہے۔ یہ کلام اللہ تعالیٰ کی نعمتوں پر شکر گزاری کے جذبات کو ایک پروقار اور سادہ آواز میں پیش کرتا ہے۔
Lyrics
श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। तीरुनार्थनाम दिया पाई रूप वो। मान्शयां के साथ दिया रूप वो। वो भीने नाश दिया पाई रूप वो। मैना भाव में अकियां से दिया पाई वो भी चीतन से सुख दिया पाई वो भी नहीं से निगाहे निकला रूप वो। वो भी नहीं से निगाहे निकला रूप वो। श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। दिरुनार्थ नाम दिया पाई रूप वो। मानुष्यां के साथ दिया रूप वो। वो भेरे नाश दिया पाई रूप वो। श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। दिरुनार्थ नाम दिया पाई रूप वो। मानुष्यां के साथ दिया रूप वो। वो भेरे नाश दिया पाई रूप वो। श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। दिरुनार्थ नाम दिया पाई रूप वो। मानुष्यां के साथ दिया रूप वो। वो भेरे नाश दिया पाई रूप वो। श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। दिरुनार्थ नाम दिया पाई रूप वो। मानुष्यां के साथ दिया रूप वो। वो भेरे नाश दिया पाई रूप वो। श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। दिरुनार्थ नाम दिया पाई रूप वो। मानुष्यां के साथ दिया रूप वो। वो भेरे नाश दिया पाई रूप वो। श्री कृष्णा श्री कृष्णा दिया शिक्षे रूप वो। दिरुनार्थ नाम दिया पाई रूप वो। हे रूप वो। हे रूप वो। हे रूप वो। हे रूप वो। हे रूप वो।
شانِ نگاہِ ربانی
سعید رضوی
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