ये दौर अपना है
युवा तरंग
Indian Pop
About
एक ऊर्जावान इंडिपॉप ट्रैक जिसमें सिंथेसाइज़र की आधुनिक लेयर्स के साथ ढोलक और तबला के पारंपरिक ताल का मेल है। यह गीत युवा उत्साह और जीवन के जश्न को एक कैची मेलोडिक हुक और रिदमिक परकशन लूप के साथ पेश करता है।
Lyrics
एक आशिकार स्थूर सदार रहता उसका अंदर नाई बजा जिताता उसका उस्ताप जवाब दातार को संस्कालिक स्वास्थे को नाई वितार को हो हो हो हो हो ये धड़कने बेकाबूबाओं में कुली है आज ये कैसी जादू सब कुछ नया सब कुछ हसी कली के नुकड पे हम यार कड़े हैं कड़ाबों के जोले कंदों पे धरे हैं ना फिकर कल की ना दम है पुरानी बातों का हम तो मुझाफिर है अपनी ही रातों का मोबाइल की स्क्रीन पे उलजी है आखे पर दिल में चिपी है अंगली बाते हावा में तैरती है ये जवानी बन रही है आज अपनी कहानी सितारों को चूने की जित है दिल में को जाना है इस रंगी में फिल्मे ये दौर अपना है ये शाम अपनी है खुली आखों से देखी ये जाना अपनी है हसते गाते चलना अब काम अपना है खुशियों के नाम ये सारा जहान अपना है जी भर के जीले पल ये सुहाना फिर ना आएगा ये वक्त पुराना कॉफी की प्याली और बत लंबी सड़कों पे दोड़ती है मस्तुमं कोई पावन भी नहीं कोई डर नहीं है आसमान अपना है कोई घर नहीं है जो दिल लोकर कुजना है बस इसी धुम में अब तोने खरना है भीडू में भी हम अपनी राब बनाएंगे मुश्किले आएंगी तो मुस्कुरा के हराएंगे चोश ये जुनून ये आग पुरानी लिख रहे हैं हम अपनी नई जिन्दगाई सब कुछ फसीन ये रंगी जहान ये दौर अपना है ये शाम अपनी है खुली आखों से देखी ये जाना अपनी है हसते गाते चलना अब काम अपना है खुशियों के नाम ये सारा जहान अपना है जी भर के जीले पल ये सुहाना फिर ना आएगा ये वक्त पुराना ये सुहाना साथ निबाना बस जीते जाना बस बढ़ते जाना ये दौर अपना है
ये दौर अपना है
युवा तरंग
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