साज़-ए-बंदगी
रूहधुन
Indian Pop
About
यह गाना एक आधुनिक इंडी-पॉप रचना है जिसमें सिंथेसाइज़र और पारंपरिक तबले का बेहतरीन तालमेल है। इसमें एक आकर्षक मेलॉडिक हुक और लयबद्ध परकशन लूप का उपयोग किया गया है जो इसे एक ऊर्जावान और रोमांटिक अनुभव देता है।
Lyrics
तेरी राहों में बिछी है मेरी ये सांसेंतू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी रातेंनज़रें झुका के मैं तुझे ही ढूंढता हूँअपनी रूह में बस तुझे ही पूजता हूँ
बिन कहे तू समझ ले मेरी हर एक बातजैसे सावन की पहली बूंद हो तू मेरे साथधड़कनों में बसी है तेरी ही एक धुनतेरे बिन मैं अधूरा, तू ही मेरा सुकूनफासले मिट गए, अब दूरी कोई नहींतेरी चाहत के सिवा मेरी मजबूरी कोई नहीं
हवाओं में घुली तेरी महक सी हैमेरी हर एक दुआ में तेरा ही अक्स हैखो गया हूँ तुझमें इस कदर आज मैंजैसे खुद से ही मिल गया हो साज़ मैं
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी दुआतुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म हुआतेरी आँखों में अपना जहां देखता हूँमैं तो बस तेरी ही राहें चूमता हूँओ मेरे हमसफर, ये कैसा नूर हैतेरी भक्ति में ही मेरा सारा सुरूर है
रंगों की दुनिया में तू ही एक रंग हैमेरे हर एक पल में तेरा ही संग हैठहर गई है ज़िंदगी तेरी ही बाहों मेंढूंढता हूँ खुद को तेरी ही निगाहों मेंकोई शिकवा नहीं, कोई मलाल नहींतू जो पास है, तो फिर क्या सवाल नहीं
तू खुदा की इनायत, तू ही मेरी जान हैतेरी बंदगी में ही मेरी पहचान हैज़माने की परवाह अब मुझे है नहींतेरे दर से बढ़कर कोई जहान नहीं
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी दुआतुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म हुआतेरी आँखों में अपना जहां देखता हूँमैं तो बस तेरी ही राहें चूमता हूँओ मेरे हमसफर, ये कैसा नूर हैतेरी भक्ति में ही मेरा सारा सुरूर है
तेरी ही धुन में मगन हूँतेरी ही याद में चमन हूँबस तू ही तू, बस तू ही तूमेरा हर ज़रा, बस तू ही तू
सांसों में तेरी खुशबू का पहरा रहेतू सदा मेरी रूह में ठहरा रहेइबादत मुकम्मल हुई आज मेरीतू ही है मंज़िल, तू ही है ज़मीन मेरीतू ही मेरी ज़मीन मेरी।
साज़-ए-बंदगी
रूहधुन
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