मेरी गौरव गाथा
राग धरती
Indian Pop
About
यह गीत एक आधुनिक इंडियन पॉप ट्रैक है जिसमें ढोलक की पारंपरिक थाप और सिंथेसाइज़र का एक ऊर्जावान मिश्रण है। इसमें सांस्कृतिक गौरव को दर्शाते हुए एक संक्रामक मेलोडिक हुक और एक लयबद्ध परकशन लूप का उपयोग किया गया है जो श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देता है।
Lyrics
मिट्टी की खुशबू रगों में बसी हैपुरखों की यादें धड़कनों में सजी हैंये रूह मेरी, ये शान मेरीयही पहचान है, यही जान मेरी
सुनहरी सुबह की पहली किरण साये अपनापन है रवायत में घुलानदियों की कलकल, पहाड़ों की चुप्पीइन्हीं गलियों में बचपन मेरा पलाहवाओं में घुली है कोई पुरानी कहानीमेरे लहजे में है ज़मीं का ये पानी
धड़कन में गूंजे जो अपना तरानामुश्किल नहीं है ज़माने को ये बतानाकि हम कौन हैं, कहाँ से आए हैं
मेरी रगों में बहती है ये गौरव गाथाआसमान से ऊँची है अपनी ये माथाहर एक रंग में है अपना नज़ाराजहाँ भी जाऊँ, लगे जग सारा हमाराये मिट्टी, ये हवा, ये अपना जहानयही तो है मेरा असली मान
त्योहारों की रौनक, दीपों की मालारिश्तों का धागा, प्यार का प्यालाहोली के रंगों सा बिखरा है जीवनसच्चाई का रास्ता, अपना ये दामनकोई न देखे अब पराई नज़र सेहम जुड़े हैं अपनी ही इस डगर से
ये पहचान मेरी, ये विरासत है मेरीसदियों की मेहनत, ये इबादत है मेरीउठो अब ज़रा, ज़रा ज़ोर से कहोहम अपनी मिट्टी के साये में रहो
मेरी रगों में बहती है ये गौरव गाथाआसमान से ऊँची है अपनी ये माथाहर एक रंग में है अपना नज़ाराजहाँ भी जाऊँ, लगे जग सारा हमाराये मिट्टी, ये हवा, ये अपना जहानयही तो है मेरा असली मान
अपनी शान, अपनी पहचानउठो गाओ, बढ़ाओ ये मानधड़कन में अपना ही नामअब तो है अपना ही काम
रगों में बसी है ये गौरव गाथाऊँचा ही रहेगा अपना ये माथासदा मुस्कुराए ये प्यारा जहानयही है मेरी रूह, यही मेरी जान
मेरी गौरव गाथा
राग धरती
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