इतिहास का मुसाफिर
भानु प्रताप
बॉलीवुड
About
यह एक प्रेरणादायक बॉलीवुड एंथम है जिसमें ढोलक और सिंथेसाइज़र का शक्तिशाली मिश्रण है। गाने में एक भावनात्मक क्रेसेन्डो है जो श्रोता को अपने लक्ष्यों के प्रति अडिग रहने के लिए प्रेरित करता है, जिसमें ऑर्केस्ट्रल स्ट्रिंग्स और एक प्रभावशाली वोकल हुक शामिल है।
Lyrics
अंधेरी रात का सीना चीरकर जो आगे बढ़ता हैवही तो नाम दुनिया में सदा के लिए गढ़ता हैउमीद की एक किरण लेकर जो तूफानों से लड़ता हैवही असली मुसाफिर है जो अपनी राह खुद गढ़ता है
लहू के कतरे में जज्बा ये पल रहा हैकिस्मत का पहिया अब खुद ही चल रहा हैगिरकर संभलना ही तो दस्तूर अपना हैहकीकत में बदलना हर एक सपना हैना हार मानेंगे हम, ना झुकेंगे अब कभीमंजिल बुला रही है, ये कह रही है अभी
हौसलों की उड़ान है, आसमान अपना हैजीत का जो निशां है, वो जहान अपना हैदिखा दे दुनिया को, तू क्या कर सकता हैये वक्त भी अब तुझसे ही डर सकता है
तू शेर है, तू काल है, तू ही तो एक मिसाल हैतेरे इरादों में छिपा, जीत का हर एक सवाल हैउठ खड़ा हो ऐ मुसाफिर, तुझे इतिहास लिखना हैअंधेरों को मिटाकर, सूरज सा ही दिखना है
जो डर गया वो मरा, ये बात याद रखनाटूटे हुए सितारों को भी साथ रखनापत्थर भी पिघलेंगे, जब तू ललकारेगातेरा नाम हर जुबां पर फिर पुकारेगाअपनो की खातिर तू ढाल बनके खड़ा हैतू ही तो वक्त की इस भीड़ में बड़ा है
रास्ता कठिन है, पर हौसला बुलंद हैतेरी मेहनत के आगे सब कुछ ही मंद हैजला दे वो मशाल जो कभी बुझेगी नहींतेरी जीत की कहानी अब कभी रुकेगी नहीं
तू शेर है, तू काल है, तू ही तो एक मिसाल हैतेरे इरादों में छिपा, जीत का हर एक सवाल हैउठ खड़ा हो ऐ मुसाफिर, तुझे इतिहास लिखना हैअंधेरों को मिटाकर, सूरज सा ही दिखना है
सूरज सा ही दिखना हैतू जीत का ही एक नाम हैतेरा ही अब ये सारा मुकाम हैतू ही तो असली हीरो हैतू ही तो असली हीरो है
इतिहास का मुसाफिर
भानु प्रताप
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