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Duration3:14

अंधेरों का नायक

रुहान राणा

बॉलीवुड

About

यह गीत एक शक्तिशाली बॉलीवुड एंथम है जिसमें पारंपरिक तबला और ढोलक की थाप को आधुनिक सिंथेसाइज़र और गरजते हुए ऑर्केस्ट्रा के साथ जोड़ा गया है। नायक के संघर्ष और विजय को दर्शाते हुए, यह ट्रैक एक तीव्र भावनात्मक चरमोत्कर्ष (crescendo) तक पहुँचता है जो प्रेरणा से भरपूर है।

Lyrics

अधेरी रातों की सीने में जो दबी है चिंगरगारी उठ खड़ा हो ऐ मुसाफिर अब वक्त की है बारी मिट्टे की खुश्गू पुकारे लहूं की लगीरे बोले किसमत के ताले अब तू अपने हाथों से खोले रास्तों में खांटे बिच्चे हैं पर तूमें हार ना मानी है तेरी रगों में दौड़ती जो वो रुहानी कहानी है लोंगे की तू पागल है तू खुद से ही लड़ता है पर तू ही तो वो दरिया है जो चटानों से टकराता है तेरी आखों में चमकती जो वो उमीद की गिरन है तू ही तो इस समाने की सबसे बड़ी तरपन है जब गिरते हैं सब तू संभल कर उठता है तू फानों के सामने सीना आताने के चलता है तेरी हिम्मत ही तेरी सबसे बड़ी पहचान है तू इस बिट्टी की असली आनबान है तू शिर है तू जहर है तू ही तो एक कहर है तेरा हुमें बिच्छा ये सारा शहर है तू नहीं तो अंधेरों को रोशनी से हराना है तू जीता पर चमला हराना है तू ही तो उनाएक है जिसकी सब को तलाश है तेरी हर एक थड़कन में कल का विश्वा है जखमों को तूने अपना गहना बना आले आहार की हर एक सीड़ी तूने जित का रास्ता बना लिया बना रुकना है तुझे न चुकना है तुझे अस्मा की बुलंदियों को अब चुना है तुझे जाओ तू शर है तू ही तो इक हर है तेरी राहों में बचा ये सारा शहर है तू ही तो अंधेरों को रुशनी से हराना है तुझे ही तुझी का परचम लहराना है तू ही तो वुना है जिसकी सब को तलाश है तेरी हर एक थड़कन में कल का विश्वास है तेरा नाम ही अब इस हवाओं में गुंजेगा तू न थकेगा कभी न तू कभी रुकेगा बस तू चलता चल लहरा ही चलता चल तू ही तो है कल तू ही तो है आज का पल तू है सिर्फ तू ही तो है तू ही तू ही तो है

अंधेरों का नायक

रुहान राणा

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