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Duration2:59

कर्तव्य की डोर

चन्द्रकान्त शर्मा

बॉलीवुड

About

यह गीत एक भावुक बॉलीवुड बैलेड है जिसमें तबला और सितार का सुंदर मिश्रण है। इसमें एक मेलोडिक वोकल हुक है जो पारिवारिक जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को दर्शाता है और अंत में एक शक्तिशाली ऑर्केस्ट्रल क्रिसेन्डो तक पहुँचता है।

Lyrics

हुललललललाला सपनों के सामने पहुंचा उस गाड़ी में हैता हाँ उस गाड़ी मेरे तुत्कन में पाप कुड़ाई क्या चांद से डोड़ी और भाई की पढ़ाई का कहाल यही तो है वो रजाई जो उड़ता हुँ हर साल तक कर बे अपनों के वास्ते है ये सिंदवी ये किसी घल है पसीने की बूंदे मोसी चमती है मेरे घर की दिवारें भी दूआएं आंगती हैं करसे ये अपनों का जो मुझे चुकाना है अपनी खुशियों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ जाना है ये घर मेरा मंदिर है ये लोग मेरा संसार है एकी के गम पर तो मेरा वड़ मेरा प्यार अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ समुगनों के सामने पहुचा उस गाड़ी में ये घर मेरा मंदिर है ये लोग मेरा संसार है एकी के गम पर तो मेरा वड़ मेरा प्यार है अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़ अड़

कर्तव्य की डोर

चन्द्रकान्त शर्मा

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कर्तव्य की डोर by चन्द्रकान्त शर्मा | EchoLoRA: Generate a Song with AI