फ़र्ज़ का धागा
अमर उदास
बॉलीवुड
About
एक भावपूर्ण बॉलीवुड गीत जो पारिवारिक कर्तव्यों और प्रेम के इर्द-गिर्द घूमता है। इसमें तबला और ढोलक की लयबद्ध ताल के साथ एक भव्य ऑर्केस्ट्रा और भावनात्मक स्वर का समावेश है, जो एक शक्तिशाली चरमोत्कर्ष तक पहुँचता है।
Lyrics
बिता गुंगलिया था मैं जो रास्ता में ने चुनना है बाहों पर चलना है ये फर्ट घुमाना इश्क ये सराब है आपों क्यों ना पिये मेरा सवेरा है करीब क्यों ना है घर की रिवारी कहानियां सुनाती है अब चपनी वो बात है यादें जगाती हम आँ बाबुजी कहों सी कश्मित की कश्टी थी अब मेरा है ये लिक का हुआ हूँ पर रुकना मुझे नहीं अपनों के वास्ते अब छुकना मुझे नहीं हवाओं में खुली ही जो उम्मीदी देनी उनकी पुरी करनी ही वो आवाशी ये नहीं ये फर्द आगाता मुझे उधे रखता है अपनोई की खुशी में मेरा दिल धुधाता है तूफा कितने भी आई मैं आटक करकार आ रहा हूँ ना पारी की खाती मैं सब कुछ सा हूँ ना पारों की प्यारी आज मेरा राज बन का पाउं आज मेरा राज बन का पाउं कभी-कभी लगता है खुद को मेरा भूपर अपने को हांसा था देख मैं फिर से जी रहूं खुण किरी रिष्टे सब सभी होते हैं दुख में किया है देखो कैसे किसे राहित होते हैं ये फर्द आगाता मुझे उधे रखता है अपनोई की खुशी में मेरा दिल धूठाता है तूफा कितने भी आई मैं अटक करकार आ रहा हूँ ना पारी की खाती मैं सब कुछ सा हूँ ना पारों की प्यारी साया पल करा साथ रहूंगा ये वादा है मेरा मेरे अपनोई की दाम से ही रोशान ये बसेरा रोशान ये बसेरा मेरा
फ़र्ज़ का धागा
अमर उदास
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