कर्ज और फर्ज
अनंत आनंद
बॉलीवुड
About
यह गीत एक भावुक बॉलीवुड बैलेड है जिसमें तबला और सितार की पारंपरिक धुनों के साथ आधुनिक सिंथेसाइज़र का मिश्रण है। इसमें पारिवारिक जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को दर्शाने वाला एक शक्तिशाली भावनात्मक क्रेसेन्डो है, जो एक मधुर वोकल हुक के साथ समाप्त होता है।
Lyrics
दिल दाए के यार नहीं कभी दोस्त राहों पे खस दाए नहीं कभी टोस राहों पे खस दाए नहीं कभी टोस राहों पे खस दाए नहीं कभी टोस कादे था पोज है पर हसला बुलन हातों की मुस्कान में ही मेरी पसंद है वो जो पसीने की भुन्दे जमी पर करी उसी से तो मेरी हर एक राबनी जिम्मेदारी का ये धागा कच्चा कच्चा नहीं है रिष्टा मेरा तुम से सच्चा नहीं है ठिक्के जो घर नाओं तो मां की दुआ मिले दुखों के भी आबान में भी खुशिया खिली सका साथ हो तो राहें की खात रहें तो ये जान है घर की दली जिपा कर जिचुकाना है रासू को अब हंसी में बदलना है खुन के रिष्टों की लाज बचानी है जिम्मेदारी अब रू में निभानी है सब की खुशी में ही मेरी कहानी कभी खुड़ को भूला तो कभी अपनों को जिया वक्त कित पेडों को हस के सहेल या मेरे हिस्से की धूप भी तुम पे लुटा दी मैंने तो अपनी दुनिया तुम पे मिठा दी गर की दली चिका करच चुकाना है रासुन को अब हंसी में बदला है खुन के रिष्टों की लाज बचानी है जिम्मेदारी अब रू में निभानी है सब की खुशी में ही मेरी कहानी सांसों के आखे सफर तक साथ निभाँगा अपनों के लिए ही मैं हर बार आऊँगा करज ये फरका उम्र बर चुकाऊँगा बस अपनों को ही मैं अपना मान पाऊँगा
कर्ज और फर्ज
अनंत आनंद
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