Skip to content
Duration3:22

ज्योतिपुंज का वंदन

वेदान्त प्रभाकर

Devotional

About

यह रचना राग-आधारित स्वर-लहरी और पारंपरिक तबला ताल पर आधारित है, जो श्रोताओं को गहन ध्यान की अवस्था में ले जाती है। इसमें हारमोनियम की मधुर धुन और बांसुरी के कोमल सुरों का प्रयोग किया गया है, जो एक सात्विक और भक्तिमय वातावरण का निर्माण करते हैं।

Lyrics

अंबर से बरसे नूर सामन में जगे है भोड सा चरणों में शीश जुकाते हम तेरी महिमा गाते हम अंधियार पठ पर तुम ही दिया ओ वटके हुए मन का तुम ही जिया हो सागर की लहरों में तेरा ही नाम है सांसो की माला में तेरा ही कम है पत्थर में भी तुछ को देखा है मैंने तेरे ही दम से ये जीवन है पहने ए प्रभू ए प्रभू तुछ को नामन तुछ को नामन ए प्रभू ए प्रभू तेरा वन्दन जोती जाली है अंतर मन में तेरा बास है हर एक कन में तेश तुम्हारा सूरज सा जम के भक्ति का रस मैं सो में दम के तुम ही विधाता तुम ही सहारा तुम से ही रोशन ये जग सारा पलकों पे बैठी है आस तुम्हारी मिट जाए हर एक प्यास तुम्हारी नया के खेवन हार हो तुम ही दुख के भी दावेदार हो तुम ही शरन में आए जो तेरा हो जाता मिट जाता पलकों पे बैठी है आस तुम्हारी मिट जाए हर एक प्यास पलकों पे बैठी है आस तुम्हारी मिट जाता मिट जाता मिट पलकों पे बैठी है आस तुम्हारी मिट जाता मिट

ज्योतिपुंज का वंदन

वेदान्त प्रभाकर

Preview

ज्योतिपुंज का वंदन by वेदान्त प्रभाकर | EchoLoRA: Generate a Song with AI