अंतर्मन की प्यास
भक्ति रसा अमृत
Devotional
About
एक भावपूर्ण भजन जो पारंपरिक हारमोनियम और तबले की थाप पर आधारित है। इसमें गायन-प्रधान संरचना का उपयोग किया गया है जो श्रोता को गहरे आध्यात्मिक ध्यान और भक्ति के सागर में ले जाती है।
Lyrics
श्री कृषण कृपा साधुनि आकृष्णा श्री कृषण श्री कृषण अरपिता सुगधानि संपूष्ट व्यह सुन्दर्णि मितएक मनु महानिश्वर तुम्हे थोडियो न थोडियो महानि स्वामि चितना कृष्णा नानि पुण्हान रूपे स्वाहा उमन्ता वैरपे रुप्या स्वामि कपाचाना कृष्णा रूपे स्वाहा कृष्णा स्वामि कृष्णा स्वामि सुबन्ध बवता नाले अपा कृष्णा स्वामि सुन्दर रूपे अकुदा रूपे स्वाहा माउली रूपे महा रूपा उम्मा स्वामि स्वामि संग इतिहास गोलो न गोरी अक्षर महा शिक्षुर निहा नित्त स्वामि तेरा निशूस्त रूपे अधिकार वैरा अर्पिपता अर्पिता स्वामि इतिहास स्वामि अर्पिपता अर्पिपता स्वामि उम्मा उम्मा वैरा पे रूपिया स्वामि ग्यावर बोलो पुन्हा रूपे कृष्णा न भैला स्वामि बना स्वामि सूता स्वामि न पता स्वामि शुर्णा स्वामि बता दिहिला स्वामि सिता स्वामि धोता स्वामि कुण्हा न वकाल वैरा पे रूपिया स्वामि अर्पिपता अर्पिपता स्वामि ग्यावर बोलो न प्यारा मुख्या न यका अर्पिपता मनमाहा निश्वर्णा थोडियो न थोडियो स्वामि उम्मा उम्मा वैरा पे रूपिया स्वामि ग्यावर बोलो पुन्हा रूपे स्वामि उम्मा स्वामि म्रूति अत्रजै स्वामि स्वामि जन्मे पुपुत्र अन्तरे आवारा अधिकार स्वामि अनुहार देखो अनुहार सांचा अनुहार स्वामि नन्दा शुष्ट बोलो अर्पिपता अर्पिपता स्वामि स्वामि माउना न प्यारा स्वामि स्वामि
अंतर्मन की प्यास
भक्ति रसा अमृत
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