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Duration2:58

तेरा ही उपहार

कृपासागर शास्त्री

Devotional

About

यह भजन राग आधारित मधुर रचना है जिसमें हारमोनियम और तबले का पारंपरिक मेल है। इसमें गायक की भक्तिपूर्ण आवाज़ और कॉल-एंड-रिस्पॉन्स पैटर्न श्रोताओं को एक शांत और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।

Lyrics

intro

हे प्रभु, तेरी कृपा का ये सागर अपार हैजो भी मिला है मुझे, तेरा ही उपहार हैशून्य से मुझे तूने सजाया है आजमेरी साँसों में बस तेरा ही है साज़

verse

जब भी अँधेरा राहों में छायातूने ही आकर मुझे रास्ता दिखायामुरझाये फूलों में जान भर दी तूनेमेरी खामोशी को पहचान दी तूनेहर एक पल में तेरी रज़ा का असर हैइस बंदे पर बस तेरी ही नज़र है

call-and-response
तू है सहारा

तेरी शरण में पाया किनारा

तू है उजाला

जीवन का तू ही है इकलौता तारा

तू है दयालु

करुणा की बारिश में मैं तो भीगा

तू है विधाता

तेरी ही धुन में मैं दिल से जागा

crescendo

तेरी चौखट पे सर झुका के खड़ा हूँतेरी रहमत के साये में आगे बढ़ा हूँशुक्राना मेरा स्वीकार कर ले ऐ मालिकमेरी रूह में तेरा ही नूर है अब तो बसमिट गया हर एक गम, मिट गई हर प्यासतूने ही तो दी है जीने की आस

outro

तेरा शुक्रिया, बस तेरा शुक्रियातेरा शुक्रिया, हर पल का शुक्रियामेरी प्रार्थना में बस तेरा ही नाम हैतेरी ही सेवा में मेरा सुबह-ओ-शाम हैतू ही आधार है, तू ही मेरा संसार हैतेरा शुक्रिया, तेरा ही तो प्यार है

तेरा ही उपहार

कृपासागर शास्त्री

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