तेरा ही उपहार
कृपासागर शास्त्री
Devotional
About
यह भजन राग आधारित मधुर रचना है जिसमें हारमोनियम और तबले का पारंपरिक मेल है। इसमें गायक की भक्तिपूर्ण आवाज़ और कॉल-एंड-रिस्पॉन्स पैटर्न श्रोताओं को एक शांत और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।
Lyrics
हे प्रभु, तेरी कृपा का ये सागर अपार हैजो भी मिला है मुझे, तेरा ही उपहार हैशून्य से मुझे तूने सजाया है आजमेरी साँसों में बस तेरा ही है साज़
जब भी अँधेरा राहों में छायातूने ही आकर मुझे रास्ता दिखायामुरझाये फूलों में जान भर दी तूनेमेरी खामोशी को पहचान दी तूनेहर एक पल में तेरी रज़ा का असर हैइस बंदे पर बस तेरी ही नज़र है
तेरी शरण में पाया किनारा
जीवन का तू ही है इकलौता तारा
करुणा की बारिश में मैं तो भीगा
तेरी ही धुन में मैं दिल से जागा
तेरी चौखट पे सर झुका के खड़ा हूँतेरी रहमत के साये में आगे बढ़ा हूँशुक्राना मेरा स्वीकार कर ले ऐ मालिकमेरी रूह में तेरा ही नूर है अब तो बसमिट गया हर एक गम, मिट गई हर प्यासतूने ही तो दी है जीने की आस
तेरा शुक्रिया, बस तेरा शुक्रियातेरा शुक्रिया, हर पल का शुक्रियामेरी प्रार्थना में बस तेरा ही नाम हैतेरी ही सेवा में मेरा सुबह-ओ-शाम हैतू ही आधार है, तू ही मेरा संसार हैतेरा शुक्रिया, तेरा ही तो प्यार है
तेरा ही उपहार
कृपासागर शास्त्री
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