ऋतु चक्र का गीत
माधव लोक गायक
भारतीय लोक संगीत
About
यह गीत बदलते मौसमों की खूबसूरती को दर्शाता है, जिसमें ढोलक की थाप और बांसुरी की मधुर धुन का समावेश है। इसमें पारंपरिक गायकी के साथ तालबद्ध ताली और मिट्टी की सोंधी खुशबू का एहसास कराने वाले वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया है।
Lyrics
शिवनटत्तो शिवपुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो आधिसनदेवाजो शिवनटत्तो शिवपुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो आधिसनदेवाजो शिवनटत्तो शिवपुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो आधिसनदेवाजो शिवनटत्तो शिववापुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो आधिसनदेवाजो शिवनटत्तो शिववापुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो आधिसनदेवाजो शिवनटत्तो शिववापुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो आधिसनदेवाजो शिवनटत्तो शिववापुण्यादेवाजो देवपासे स्वामिमाहारंपिनुसनदेवाजो वाहु विनासकी शिववासते देवाजो
ऋतु चक्र का गीत
माधव लोक गायक
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