कहाँ हो तुम
रिवान मेहरा
Indian Pop
About
यह गाना एक आधुनिक इंडियन पॉप ट्रैक है जिसमें सिंथेसाइज़र के साथ तबला और ढोलक का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें एक भावुक लयबद्ध ताल है जो तन्हाई और बिछड़ने के दर्द को खूबसूरती से बयां करती है।
Lyrics
खाली है ये गलियां अब सारीयादों की है धूप ये भारीसांसों में बसी तेरी खुशबूपलकों पे ठहरी है बेकरारी
खिड़की के पास बैठ के मैंगिनता रहा हूँ तारेतस्वीर तेरी देख के अक्सरगुज़रते हैं दिन हमारेवो हँसना तेरा, वो बातें तेरीअब भी कानों में गूँजती हैंअधूरी सी है ये कहानी मेरीतन्हाई अब ढूँढती है
वक़्त की ये कैसी चाल हैदिल मेरा हुआ बेहाल हैतू पास नहीं तो क्या हुआतेरी याद ही मेरा सवाल है
ओ मेरे हमसफ़र, कहाँ हो तुमतड़पता है ये दिल, कहाँ हो तुमफासलों की ये दीवारें तोड़ केआ जाओ अब, कहाँ हो तुमओ मेरे हमसफ़र, कहाँ हो तुम
मौसम भी अब बदलने लगे हैंरास्ते घर के सूनसान हुएतेरी कमी का एहसास गहराअल्फाज मेरे सब गुमनाम हुएडायरी के पन्नों में कैद है तूहर एक लफ्ज़ में बस नाम हैकैसे बताऊं तुझे ए हमदमबिन तेरे जीना कितना आम है
ये दूरी मिटा दो, पास बुला लोधड़कन में अपनी मुझको छुपा लोज़िंदगी की इस दौड़ में अबबस अपना हाथ तुम थमा दो
ओ मेरे हमसफ़र, कहाँ हो तुमतड़पता है ये दिल, कहाँ हो तुमफासलों की ये दीवारें तोड़ केआ जाओ अब, कहाँ हो तुम
आ जाओ ना, पास आ जाओ नातन्हाई से अब तो बचा जाओ नाआ जाओ ना, पास आ जाओ नाधड़कन में फिर से समा जाओ ना
सांसों की डोर से बंधी है आशालौट आओ अब, खत्म हो ये तमाशामेरे हमसफ़र...मेरे हमसफ़र...बस आ जाओ तुम।
कहाँ हो तुम
रिवान मेहरा
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