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Duration3:21

शान-ए-हिन्द

गौरव गुप्ता

Indian Pop

About

यह गीत आधुनिक सिंथेसाइज़र और पारंपरिक ढोलक की थाप का एक जीवंत मिश्रण है, जो सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है। इसमें एक आकर्षक मेलोडिक हुक और पॉप संरचना है जो सुनने वालों को थिरकने पर मजबूर कर देती है।

Lyrics

एरंज न घुमा तेरे वालों मुकवाहतों की न काहतों की एक तेर वादितार वैर बताए यहां मुकवाहतों की अपनी एनवानिये घिरोते काए नांगी जो न काहतों की जद्धा वाले एक वातोर एक वाला लावश्टी लिया न प्राइडा में सुख नांता बहार देवपुर माईने तेरों मुक चौला उख्यारिता मोने की जख मीटे अधमा चाहे एक सुख नाओ न नाई नाई अपनी एक नाओ उद्धरानी की मानी पे पता आम अखल फिर के जुज़ आहर दाओ वालों का अर्माया न रंग कम अजसम देखो अपनी एक नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता अपनी नाओ उद्धरानी की मानी पे पता जहाँ ने अपना जहाँ ने अपना

शान-ए-हिन्द

गौरव गुप्ता

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