गौरव की गूँज
आर्यन और धड़कन
Indian Pop
About
यह गीत आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बीट्स और पारंपरिक ढोलक की थाप का एक ऊर्जावान मिश्रण है, जो सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है। इसमें सिंथेसाइज़र के साथ सितार की मधुर धुनें और एक संक्रामक पॉप कोरस शामिल है जो श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देता है।
Lyrics
नहीं हूँ जागर मेरा होटा सबको इशारा है एक शर्मट्ठन सोचा योगो पहचाना पहचाना आया गली के मूडल पे वो बचपन का खेले आदों के पिटारे में आदों का मैल पी पल की छाम में किस से पुराने सिखे हमने आँखों में रुकान आँखी पे है चान हमें बड़ा गुरु है रंगों की होली दीपों की माला हमने ही तो मिलके ये जहां सजाया हम चायों को चूने का हासला भी है अपनों के संग चलने का सिलसला भी है ये मिट्टी अपनी ये उसमान अपना जीते है हम मिलके हर एक सपना गुझेगी दुनिया में अपनी ही दुना हम है हम हो अहे ये रानी राली उसे हीरी उसे भर देंगी हाली खाली योहारों की रोना खरों का वो प्यारा रखी तुर में बंधा बंधा ये संसर सावन की फुहार में भी इसी शाना वक्से हम अपना ही नाम बिर में भी दिखते है से अलग हम ये ताते है हासी मैं अपने हरे दिन ये मिट्टी अपनी ये आसमान अपना जीते है है हम मिलके हर एक सपना गुझेगी दुनिया में अपनी ही दुना हम है हम हो अहे या निराली खूसे ही उसे भर देंगे हाली खाली ये जुश है जवान जीते है साशा से ये ही हाँ पहचान ये ही हाँ पहचान ये जुश है जवान जीते है साशा से ये ही हाँ पहचान ये हाँ पहचान यारी यारी यारी यही है बस यारी यारी यारी यारी
गौरव की गूँज
आर्यन और धड़कन
Preview