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Duration3:01

महफिल की शाम

मुहब्बत मस्ताना

Indian Pop

About

यह गाना एक आधुनिक इंडियन पॉप ट्रैक है जिसमें सिंथेसाइज़र और ढोल की थाप का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें एक आकर्षक मेलोडिक हुक है जो पार्टी के माहौल को जीवंत बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Lyrics

जिन्दो जो ना जानी कहाँ ये दुनिया ना जानी सोया जो सजाए ये आग सजा ना जानी आखे दिल से हम सजाए लुटा के हम नशा गुजाए प्यार की नदी पहन से ही ओडाते हम हवाओ की ना जाने हसे दिल मेरा बहके पदलों में जोश है आज सबको अपनी ही मदहुश है लमथा में तो जहर जाए ये दिलों में मुहबबत का जोश है जुम लो गुल्लो जुम बचाएंगे हम तो हसते हसाते ही जाएंगे राख अपनी ये जहान अपना खुशियों के दीप हम जलाएंगे सबको नचाएंगे सबको हसाएंगे पुरा देखिले सब बुला कर चलो वाओं के संग गुन गुना कर चलो ए महफिल है अपनी ये पाना जहान ए खुआप बलकों पे सचा कर चलो अन्सर में नशा है लबों पे हसी खुशियों की देखो कैसी है ये बस्ती जरा सुनो मेरा बाचा कदमों में जोश है आज सबको अपनी मतहुश है लमहा तुम्हे तो धहर जाये दिलों में मुहबत का जोश है जूम लो गुल्लो जूम मचाएंगे हम तो हसते हो साते ही जागे रात पनी ये जहान अपना खुशियों के दीप हम जलाएंगे सबको ओन चाएंगे सबको हसाएंगे बाजो तुम अच्छाओ सबको ये पल आज याद दिलाओ हुखम लो गुल्लो जूम मचाएंगे हम तो हसते हो साते ही जागे रात पनी ये जहान अपना खुशियों के दीप हम जलाएंगे सबको ओन चाएंगे सबको हसाएंगे सदा हफ्यासे ना जाने कहाएं दुमियाना ना जाने सोयार जूम सजाएं ये आग सजा ना जाने

महफिल की शाम

मुहब्बत मस्ताना

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