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Duration3:00

خوابوں کے شہر

سحرِ خیال

پاکستانی راک

About

یہ گانا ایک جذباتی پاکستانی راک ٹریک ہے جس میں الیکٹرک گٹار رف اور روایتی راک ڈرم کٹ کا شاندار امتزاج ہے۔ گانے کی ووکال میلوڈی تنہائی اور پرانی یادوں کی عکاسی کرتی ہے، جو سننے والے کو ایک گہری جذباتی کیفیت میں لے جاتی ہے۔

Lyrics

एसित पे बैठी थी किसी को देख ये मैं भी दिखने लागा अपनी फोटो को चड़ा रहा था मुझे सर पे किसी ने मेरी फोटो देखा ओंडो आड़ी जश्मों में ताड़े सात साल में परी था ये जौर्च टूप्स में आज मैं पढ़ कर बाती की ये सात साल में परी था ये जौर्च टूप्स में आज मैं पढ़ कर बाती की ये सात साल में परी था ये जौर्च टूप्स में आज मैं पढ़ कर बाती की ओंडो आड़ी जश्मों में ताड़े वो जो अपने पर अपन करती थी साफकों से जोख माट का बोले वो उतीरों पे साफकों पे तीरों पे तीरों पे साफकों पे तीरों लेके आए थे जो मेरे साथ में आए कोई भूल जाए ये मानू बूल का मरदा वो उतीरों पे साफकों पे तीरों लेके आए थे कोई देखे खाए वो उतीरों पे साफकों पे तीरों लेके आए थे कोई देखे खाए ये सुन से में कहा के परी और साफकों गुलाब से गाले परी और साफकों गुलाब से गाले हंदु आरी चश्मों में ताडे ये नजा हासो लगे जो सुन से में कहा परी और साफकों गुलाब से गाले

خوابوں کے شہر

سحرِ خیال

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خوابوں کے شہر by سحرِ خیال | EchoLoRA: Generate a Song with AI