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Duration3:20

शून्य का दीप

पंडित आत्मानंद मिश्र

हिंदुस्तानी शास्त्रीय

About

यह रचना तानपुरा के निरंतर गूंजते ड्रोन और तबले के सूक्ष्म ताल चक्रों पर आधारित है। इसमें राग की शुद्धता और मानवीय स्वर की कोमलता के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार और शांति का अनुभव कराया गया है।

Lyrics

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शून्य का दीप

पंडित आत्मानंद मिश्र

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