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Duration3:25

मिट्टी का फ़साना

पंडित गंभीरनाथ मिश्र

हिंदुस्तानी शास्त्रीय

About

यह रचना राग दरबारी की गंभीरता में रची गई है, जिसमें तानपुरा का निरंतर ड्रोन और तबले का विलंबित एकताल चक्र जीवन की नश्वरता को दर्शाता है। गायक की गंभीर आवाज़ में गमक और सूक्ष्म श्रुतियों का प्रयोग मानवीय अस्तित्व के क्षणभंगुर सत्य को उजागर करता है।

Lyrics

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मिट्टी का फ़साना

पंडित गंभीरनाथ मिश्र

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