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Duration3:35
आत्म-साक्षात्कार की अखंड ज्योति
पंडित प्रेमानंद जोशी
हिंदुस्तानी शास्त्रीय
About
यह रचना तानपुरा के स्थिर ड्रोन और तबले के सूक्ष्म ताल चक्रों पर आधारित है, जो एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव को दर्शाती है। इसमें राग की शुद्धता और स्वर की बारीकियों का प्रयोग करते हुए आत्म-ज्ञान की यात्रा को स्वरबद्ध किया गया है।
Lyrics
I love you. I love you. I love you. I love you. I love you. I love you. I love you. I love you.
आत्म-साक्षात्कार की अखंड ज्योति
पंडित प्रेमानंद जोशी
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