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Duration3:11
नश्वर काया का सत्य
पंडित रामकृष्ण व्यास
हिंदुस्तानी शास्त्रीय
About
यह रचना तानपुरा की गूंज और तबला के जटिल ताल चक्रों के साथ नश्वरता के भाव को गहराई से व्यक्त करती है। इसमें राग आधारित मेलोडिक संरचना और मानवीय स्वर के उतार-चढ़ाव का समावेश है, जो एक ध्यानपूर्ण और दार्शनिक वातावरण बनाता है।
Lyrics
खुशभू तेरे किष्ण सभलाते दुनिया पुझीना पुझीना पुझीना पुझीना पुझीना पुझीना पुझीना जड़ाम तेरे पुझीना जड़ाम तेरे पुझीना शेहिराम के नाम जड़ाम तेरे पुझीना पुझीना पुझीना पुझीना पुझीना जड़ाम तेरे पुझीना पुझीना शेहिराम के नाम पुझीना राम खुश भू तेरे किर्ष्ण सभरा दे दुनिया पुझीना पुझीना पुझीना राम खुश भू तेरे किर्ष्ण सभरा दे दुनिया
नश्वर काया का सत्य
पंडित रामकृष्ण व्यास
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