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Duration3:37

मिट्टी का कारवां

पंडित रविकांत जोशी

हिंदुस्तानी शास्त्रीय

About

यह रचना राग दरबारी की गंभीरता में रची गई है, जिसमें तानपुरा का निरंतर गूंजता हुआ ड्रोन और तबले की जटिल ताल एक दार्शनिक वातावरण बनाती है। गायकी में सूक्ष्म गमक और आलाप का प्रयोग मानव जीवन की नश्वरता को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करता है।

Lyrics

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मिट्टी का कारवां

पंडित रविकांत जोशी

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