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एकतरफा सफर
Duration3:34

एकतरफा सफर

तमिश ठाकुर

इंडी-पॉप

About

यह गाना एक भावुक इंडी-पॉप रचना है जिसमें एकॉस्टिक गिटार की कोमल धुन और आधुनिक सिंथेसाइज़र का मिश्रण है। इसकी धुन में एक गहरा ठहराव है जो एकतरफा प्यार की तड़प को बखूबी दर्शाता है।

Lyrics

यहां भूली है तेरी आदें अथूरी से बच्चे हैं सारी बाते गली के मोड पर खड़ा हूँ मैं आज हूँ तेरा हसना अभियात मुझे तुने देखा नहीं तु गजर गई पासे जैसे मैं खोई साया हूँ इस फिर में मेरी आखों में जो नमी वो तेरी बेरूखी की एक निशानी है एक दरफा सफर मेरा तु मन्जिल है पर रास्ता नहीं मैं जलता रहा हूँ तेरी चाह में तुझे मेरी कोई परवा नहीं तुझे मेरी कोई परवा नहीं तेरे खालों में खोया हुआ सा हूँ जैसे कोई किताब का पनना गया तुने कभी पढ़ा ही नहीं मुझे शायद उम्में खुद से ही अब तो जुदा हो गया वो तेरा चुप रहना वो नजरों का फिर ना मेरे दिल के हर कोने में बस गया एक दरफा सफर मेरा तु मन्जिल है पर रास्ता नहीं मैं जलता रहा हूँ तेरी चाह में तुझे मेरी कोई परवा नहीं शायद कल की धूप में ये तरद कम हो शायद किसी और हमें तु मिल जाए पर आज तो बस तेरा ही साया है जो मेरे साथ साथ चलते ठक न जाए मैं खामोश हूँ पर दिल चिलाता है क्यों ये फासला अब भी बटा जाता है ये एक तरफा सुफर मेरा तू मंसिल है पर रास्ता नहीं मैं चलता रहा हूँ तेरी चाह में तुझे मेरी कोई परवा नहीं तुझे मेरी कोई परवा नहीं परवा नहीं ये तू तो अनजान है मेरी रोह की ये आखिरी बहचान है बस अब थहर करें आया हूँ मैं वही जहाँ तू कभी थी कभी थी नहीं आया हूँ

एकतरफा सफर

तमिश ठाकुर

Preview

एकतरफा सफर by तमिश ठाकुर | EchoLoRA: Generate a Song with AI