भूल-भुलैया
निरव शर्मा
इंडी-पॉप
About
यह गीत शहरी जीवन की भागदौड़ और अकेलेपन को दर्शाता है। इसमें एकॉस्टिक गिटार की कोमल धुन और सिंथेसाइज़र का आधुनिक मिश्रण है, जो सुनने वाले को शहर की भीड़ में खोए हुए अपनेपन का एहसास कराता है।
Lyrics
एक दिन इश्कव सोएंगी संख्षम के डोरे खोएंगी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी हर कदम पे चोहरी बाते या हुस्कुं के लेकर साथ ये सदान या यासिर कहानी तू है इश्को मैं हूँ शारा अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी वो अपनी एक दुनिया साथ अपनी कहानी सोएंगी अर मारोगी या आजिक से चोट तर पर दे चोरी
भूल-भुलैया
निरव शर्मा
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