अधूरा ख़्वाब
एकांत राग
इंडी-पॉप
About
एक भावुक इंडी-पॉप गीत जो एकतरफा प्यार की तड़प को दर्शाता है। इसमें एकॉस्टिक गिटार की कोमल धुन के साथ सिंथेसाइजर का हल्का स्पर्श है, जो इसे एक अंतरंग और रूमानी एहसास देता है।
Lyrics
हवा में गुली है तेरी खौशियां सा सूल है अथ रखती है बस तेरी की बात गली के मोड़ बर खड़ा हूँ तुम जैसे कोई पंची रातों में जैसे कोई पंची रातों में जैसे कुछ पता नहीं है विशे कुछ पता नहीं है वो अधूलेपन से तुमने कभी मेरा नाम चुकपाया नहीं है मैं तो बस एक अधूरा ख्वाबा हूँ तुलचे रातों का एक सतार सा जवाब हूँ तुम कहीं कहीं दूर मैं हूँ यहीं आकेला रहूँगा यह कसम से हाँ तुम कहीं कहीं दूर मैं हूँ यहीं आकेला रहूँगा यह कसम से हाँ तुम्हारी पसीने का वरफ पाया करमायत भीड में कुछ कर फिर क्या होगा मुझको भरा हूँ मैं मैं हूँ ये खनकुन खमोश बाती कुछ कुछ पुकारे फिर क्या कुछ है क्या आदा होता है बिना कुछ कुछ जब मैं करूँ बात जब मैं करूँ बात जो ये सब खौ� कुछ उन्हें किसी का दिस दोड़े और छोड़ दे ये जीवान जो पूरा हो तो मैं तो वस एक अधूरा खुआबा हूँ तुझे रातों का एक सतार सा जवाब हूँ तुम कहीं कहीं दूर मैं हूँ यहीं अकेला रहूंगा एक कसम से हूँ तुम कहीं कहीं दूर मैं हूँ यहीं अकेला रहूंगा एक कसम से हूँ शायद किसी दिन तुम मुझे संभलोगे मेरा साथ ये आखरी बार फिर से गलेगी लगाओगे बाहों में भर के नगमें दाओगे मैं वो ही अधूरी कहानी हूँ जो बिन तुम ही ना ये कहानी है मैं तो बस एक अधूरा ख़वा हूँ तुझे रातों का एक सतार सा जवाब हूँ तुम कहीं कहीं दूर मैं हूँ यही अकेला रहूँगा ये कसम से हम खेल खतम हुआ पर यादे बागी रहती है तुम खुश हूँ बस मेरा ये दुआ है यही है मेरा ही
अधूरा ख़्वाब
एकांत राग
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