तेरी परछाईं
अद्वैत गुप्ता
इंडी-पॉप
About
एक भावुक इंडी-पॉप गीत जिसमें एक्रिलिक गिटार की कोमल धुन और आधुनिक सिंथेसाइज़र का मिश्रण है। यह गीत एकतरफा प्यार की तड़प को बहुत ही सादगी और गहराई के साथ पेश करता है।
Lyrics
हलवा में घोड़ी है तेरी याद अधूरी सी बच्ची है मेरी बातें खाली रास्तों पर तेरा साया डूंड देता है मुझे पर मैं ना पाया हूँ शहर की इस भीर में खाया हूँ मैं तेरी यादों के पुन्ने भी गोया हूँ मैं तूने दिखा नहीं तूने जाना नहीं मेरे दिल का ये छोटा फसाना नहीं तू अस्ती है तो दिल निकला दाहता है तेरे खाबोशी में ही सब कुछ मिल जाता है इश्कता ये कैसा रंग रहा मेरी आँखों में बस तेरा ही पराह केना जो हो लगों तक ना या तेरा साथ तो बस एक सपना साब आया तू मेरे पास होकर भी क्यों दूर है मेरे दिल का ये हाल क्यों मुझबूर है मैं तो बस तेरी परचाई को थामता रहा तूने कभी ना मेरा नमप करा कागस के तुकडों पर नाम तेरा लिखा तेरी हसी के पीछे का दर्द भी दिखा तू चलती है तो मौसम बदल जाता है मेरा हर एक पल तू चलती है तो मौसम बदल जाता है मेरा तुमसे ही समवर जाता है पर तू अनजान है मेरी इस चाहत से मैं बंधा हुआ हूँ देरी ही आदत से तू मेरे पास होकर भी क्यों दूर है मेरे दिल का ये हाल क्यों मजबूर है मैं तो बस तेरी परचाई को थामता रहा तूने कभी ना मेरा नमप नमप करा तू मेरे पास होकर भी क्यों दूर है मेरे दिल का ये हाल क्यों मजबूर है मैं तो बस तेरी परचाई को थामता रहा तूने कभी ना मेरा नमप करा तूने कभी ना मेरा नमप करा
तेरी परछाईं
अद्वैत गुप्ता
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