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Duration2:58

रंग-बिरंगी खुशियों की बहार

ढोलक सम्राट और सखियाँ

चटनी

About

यह ट्रैक एक जीवंत चटनी रचना है जो पारंपरिक ढोलक की थाप और आधुनिक सिंथेसाइज़र के मेल से बनी है। इसमें ढोलक का लयबद्ध पैटर्न और ऊर्जावान सोका-शैली के पर्कशन का अद्भुत मिश्रण है, जो किसी भी उत्सव के माहौल को जीवंत बना देता है।

Lyrics

बोल दिखाओ सजा है भरे होंट मेरे हाथ से खुशियों का साज सब मिल के गाओ सब मिल के जूमों खुशियों के सागर में आज तुम घुमा गली गली में सजे है गीप प्यारे समान में चमके खुशियों के तारेने कपड़े बैने सब सखिया आई घर घर में खुशबू है खुशिया चाहियों पिन है पीड़ी यहाँ अब नहीं है अकेला त्योहारा मौसम आया है संगुमंगा है संगुमंगों में है डूबारिक रंग ढोल की रमक पर दिप्ती रखते है पाव खुशियों के साए मैं के ये कावा आओ मनाएं ओल पावन त्योहार दिलों में बस बढ़ाएं हम प्यार माथे ते तिलक और मन में है अशा खुशियों की अपनी ही होती है भशा बड़े बुशर्गों का अशिर्वत पाया अपनों के बीच में ये दिन है आया हथों में हथ ले सब नाचते जाएंगी खुशी के हम मिलके काईं त्योहारा मोसम आया है संगु मंगवा है संगु मंगवा है हारिक रंग ढ्योल की धमक पर थिर थिर रकते है पावल खुशियों के साइमर के एक आवाओ मनाई ओ ये भावन त्योहार दिलों में बस बढ़ाएं हम प्यार जगमंग रुशनी नहाई है रात अपनों के साथ है ये मीठी बात दुख सब भूलते मुस्कान सजाएं खुशियों के दीप हम मिलके जलाएं जगमंग रुशनी नहाई है रात अपनों के साथ हम मिलके जलाएं खुशियों के साइमर के एक आवाओ मनाई ओ ये भावन त्योहार दिलों में बस बढ़ाएं हम प्यार खुशियों का मिला एंगिन रात मिलकर मनाई ये ही है बात सके दिलों में बस प्यार रहे हर दिन ये ब हम मिलके जलाएं

रंग-बिरंगी खुशियों की बहार

ढोलक सम्राट और सखियाँ

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रंग-बिरंगी खुशियों की बहार by ढोलक सम्राट और सखियाँ | EchoLoRA: Generate a Song with AI