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Duration3:01
जादूर का धड़कन तोड़ी
धड़कन चटनी क्रू
चटनी
About
यह गीत ढोलक की पारंपरिक थाप और आधुनिक सोका-प्रेरित पर्क्यूशन का एक जीवंत मिश्रण है। इसमें जीवंत गायन शैली और सिंथेसाइज़र के साथ ढोलक का तालमेल है जो पूर्वजों की विरासत का जश्न मनाता है।
Lyrics
अड़के दिल है जादूर का काना लीरे ना दीरे बांधन जो जो खाना लीरे ना दी ना दी गूस्ती तोड़ी रे धड़के दिल है जादूर का काना लीरे ना दीरे बांधन जो जो खाना लीरे ना दी ना दी गूस्ती तोड़ी रे धड़के दिल है जादूर का काना लीरे ना दी गूस्ती तोड़ी रे धड़के दिल है जादूर का लीरे ना दी गूस्ती तोड़ी रे धड़के दिल है जादूर का लीरे ना दी गूस्ती तोड़ी रे धड़के दिल है जादूर का लीरे ना दी गूस्ती तोड़ी ना दी गूस्ती तोड़ी
जादूर का धड़कन तोड़ी
धड़कन चटनी क्रू
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