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Duration3:03

अपनी माटी का परचम

रविंदर ढोलक उस्ताद

चटनी

About

यह गीत चटनी संगीत की जीवंत ऊर्जा को दर्शाता है, जिसमें ढोलक की पारंपरिक थाप और आधुनिक सोका-प्रेरित पर्क्यूशन का मेल है। इसमें एक उत्साही गायक की आवाज़ है जो अपनी सांस्कृतिक पहचान और जड़ों के प्रति गौरव को उजागर करती है, जिससे यह एक बेहतरीन पार्टी और डांस ट्रैक बन जाता है।

Lyrics

मैं तो जानू मैं बाज दाई मैं तो जानू मैं बाज दाई मैं तो जानू मैं बाज दाई मैं तो जानू मैं बाज दाई मैं तो जानू मैं बाज दाई मैं तो जानू मैं बाज दाई मैं तो जानू मैं बाज दाई

अपनी माटी का परचम

रविंदर ढोलक उस्ताद

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