महफ़िल की बहार
आनंद उत्सव मंडली
चटनी
About
यह गीत पारंपरिक ढोलक की थाप और आधुनिक सिंथेसाइज़र के मेल से बना एक ऊर्जावान चटनी ट्रैक है। इसमें कैरिबियन सोका लय और भोजपुरी लोक संगीत का अनूठा मिश्रण है, जो किसी भी सामाजिक समारोह में जान डाल देने के लिए पर्याप्त है।
Lyrics
पटरे की तारा हमारे पास है वो सबसे प्यारा जहां का राजा हर्या का ज्ञाच का दिल को बहलाए अंगन में देखो रौनक छाई है सबके छेरों पर हसी आई हाथों में हाथ कदम से कदम मिले फूलों की तरह आज हम सब के लिए कोई गाता है कोई नाचता यहां खुशियों का मिला बसा है यहां जुम के नाचो तिरकते जाओ आज की रात सबको हन्साओं मिल मिलके जुड़े ये प्यारा सजाद खुशियों की बरसे मिठी बरसा चटनी की धुन दिल में जगाए सबके कदम आज डोलते जाए रंब रंगे कुपडे पैन के है सब दिल को धाम के पुरानी बाते यादे ताजा परें दुख दरसा रे आज हम भुला दे मीठा सा संगीत हवाओं में गुले खुशियों के दरें आज सबके खुले जुम के नाचो तिरकते जाओ आज की रात सबको हनसा मिल मिल के जुड़े ये प्यारा सा साथ खुशियों की बरसें मीठी बरसा चटनी की धुन दिल में जगाए सबके पदम आज डोलते जाए ना कोई पराया सब अपने ही आखुशियों के दीब दिल में चले हैं रात ढलती है पर मजा बागी है प्यार की महफल अभी तो सजी है जुम के नाचो थिर्टे जाओ आज की रात सबको अंसाओ मिल के जुड़े ये प्यारा सा साथ खुशियों की बरसें मीठी बरसा चटनी की धुन दिल में जगाए सबके पदम आज डोलते जाए मीठी बरसा चटनी की धुन दिल में जगाए मीठी बरसा चटनी की धुन दिल में जगाए मैं केगागा
महफ़िल की बहार
आनंद उत्सव मंडली
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