एकता की रीत
अम्बा धमाल मंडली
चटनी
About
यह गीत चटनी संगीत की जीवंत ऊर्जा को दर्शाता है, जिसमें ढोलक की पारंपरिक थाप और आधुनिक सिंथेसाइज़र का अद्भुत मेल है। इसमें कैरिबियाई सोका लय और भोजपुरी लोक धुनें मिलकर एक उत्सवपूर्ण वातावरण बनाती हैं, जो सामुदायिक एकता का संदेश देती हैं।
Lyrics
अम्बा ये अम्बा जाने ना जाने कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर अम्बा ये अम्बा जाने ना जाने कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर ये पुटती से पुटता करके या ना जाने कैसे खाई सुनके जो बोले वो तो जूठा गाई अम्बा ये अम्बा जाने ना जाने कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर वो दिखे सुर्या जैसे अंदार के नीचे आके ना आके उठे उठे उठे जो खाले आके बोले आधा दिन देना वो भी उत्ता जोर पे कहेले करता है लोटे अम्बा ये अम्बा जाने ना जाने कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर इधर इधर वो दिखे सुर्या जैसे अंदार के नीचे आके ना आके उठे उठे उठे अम्बा ये अम्बा जाने ना जाने कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर इधर वो गुलाबी से सुप का लुटे चाहे माने अपना जो करता उठे उठे उठे इशके उठी से सुप से हसे आज के रात से सुले जो बोले उठे उठे उठे अम्बा ये अम्बा जाने ना जाने कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर इधर कैसे खाई कैसे बोले इधर इधर इधर ये अजबुसे एक पदम बड़ा तिंबर से भी तारे ले आते कोई नहीं है यहाँ पर बराया हम ही तो है जो जग में है ताते मिलकर रहना मिलकर चलना ही है जीवन का असली गाना दिखता कि ये रित निराली भर दे खुशियों से धाली सबका साथ हो सबका हाथ हो में केट हर घर में दिवाली अता कि ये रित निराली भर दे खुशियों से धाली सब मिलकर रहना प्यार का दीप चलाते रहना साथ ही आगे बढ़ते जाना खुशियों से धाली सब मिलकर रहना प्यार का दीप चलाते रहना साथ
एकता की रीत
अम्बा धमाल मंडली
Preview