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Duration3:12

नई सुबह का आगाज़

क्रांतिधारा

इंडियन रॉक

About

यह ट्रैक एक शक्तिशाली इंडियन रॉक गान है जिसमें भारी इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स और पारंपरिक सितार के सुरों का अनूठा मेल है। इसमें सामाजिक बदलाव की भावना को दर्शाते हुए जटिल तबला ताल और ऊर्जावान ड्रम बीट्स का उपयोग किया गया है।

Lyrics

जाओ थे तो फूल से चल कर वद कर करना है रात को कर दे सूरज पसिन को प्रसन होने दे दो गली कुल चों में ये खाहौशी कैसी है ये कोई बेबासी है पुराने पनों पर सुखाई सूख रुकी सडकों पर अब एक नई आग उगी कल तक चर कर चल थे आज सपनों की ये फिर अब रुखने वाली नहीं पुरानी संचीरे अब टिखने वाली नहीं उठा लो अपना हसला आज सुन लो हवाओं का ये साथ ये बदलाव की लहर है इससे आने दो पुरानी दिवारों को अब ठाँ जाने दो जो सोया है उससे आज चकाना है नया कल हमको मिलकर बनाना है वकर बनाना है इससे आने दो इससे आने दो चेरों पर अब नकाब नहीं है सच बोलने का कोई हिसाब नहीं है दबे हुए चज़बा दब बाहर आए हैं तुफान अपने साथ धेरों लाए हैं पत धरों को पिघलाने का हुनर सीखा हमने अब खुद का सफर लिखा है सपनों की ये फिर अब रुकने वाली नहीं पुरानी संजीरे अब टिकने वाली नहीं उठा लो अपना होसला आज सुन लो हवाओं का ये सास ये बदलाव की लहर है इसे आने दो पुरानी दिवारों को अब था जाने दो जो सोया है उसे आज जगाना है नया कल हमको मिलकर बनाना है बकर बनार है इसे आने दो मिटा दो वो लखीरे जो हमें बाठती हैं काट दो वो चेड़ें जो सिर्फ डर छाटती जो बीद गया वो अब राख है नया सूर चेज आज का ही आखरी ख़वाब है ये बदलाव की लहर है इसे आने दो पुरानी दो इसे आने दो पुरानी दीबारों को अब खा जाने दो जो सोया है बसे आज जगाना है नया कल हमको मिलकर बनाना है बकर बनार है इसे आने दो

नई सुबह का आगाज़

क्रांतिधारा

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नई सुबह का आगाज़ by क्रांतिधारा | EchoLoRA: Generate a Song with AI