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Duration3:00

सत्य का पहिया

रणभेरा

Indian Rock

About

यह ट्रैक एक शक्तिशाली इंडियन रॉक गान है जो पारंपरिक राग-आधारित धुनों को भारी इलेक्ट्रिक गिटार और आक्रामक तबला लय के साथ जोड़ता है। इसमें राजनीतिक विद्रोही सुरों को स्पष्ट रॉक वाद्ययंत्रों और एक तीव्र सितार सोलो के माध्यम से पेश किया गया है।

Lyrics

अंधेरी गलियों में शोर है सच का गला गुणे का दोर है जो तक दे पेरेदार आज वही चोड है कागज के टुकरों पर स्याही नहीं अब खून की लगी रेखी मंडी सजी है पिड़ी की ताली खाली है दिजोरी उनकी बरी है कानून की आगों पर पटी है जाय की तरा जुआ बुल्टी है किस से पूछे किस से करें हर तफ़े कहरी दून जाय ये कैसा खेल खेला जा रहा है इंसानियत को रॉंडा जा रहा है कुर्सियों भूख में जलते शहर अस्तित को मिटाया अब तो जागों है मुसाफिरस्ते दबाया जा रहा है चूटे वादों की लंबी फरिस्त है तैतारिकों का खेल पुराना है दिवारों पर लिखेश गहारों में सिर्फ उनका ही ठिकाना है बिर्जुबन चंता की चीठे हावाओं में खो जाती हैं खो जाती कलम की ताकट जाय तो हेम भी रो जाती है ये कैसा खेल खेला जा रहा है इंसानियत को रोंगा जा रहा है गुर्सियों मुख में जलते शहरस्तित को मिताया अब तो जागों हेम साफिरस्ते दबाया जा रहा है दबाया जा रहा है दबाया जा रहा है दबाया जा रहा है

सत्य का पहिया

रणभेरा

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