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Duration3:23

मेरी पहचान

चेहरा खोया

Indian Rock

About

यह गीत रॉक वाद्ययंत्रों और भारतीय शास्त्रीय रागों का एक अनूठा मिश्रण है। इसमें भारी इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स के साथ तबले की लयबद्ध ताल और एक भावपूर्ण सितार सोलो शामिल है, जो सांस्कृतिक पहचान की तलाश को दर्शाता है।

Lyrics

वक्त पहचान है पहचान और अन्धेकती शेहर की भीड में चेहरा खोया है भीड में चलने का डौंग किया है आइने में जो अक्स दिखता है वो किसी और का या मेरा है पुरानी किताबों के पन्नों में तभी मेरी अपनी रूह की आवास दूनता हो उसे शोड के बीच जहां धम जाती है हर सांस दिवारें उची रासते अजान अंगल जड़ों में बसी है मेरी जान तुफान में जो जुकता नहीं वो मेरा अपना निशान मेरी पे है चल मेरी रूँ का साया है इसी मिट्टी ने मुझे आजमाया है खून में बसी जो अनकही कहानी वही मेरी रीत वही मेरी निशानी मैं हूँ मैं था मेरी जड़ों की गहराई है पुरकों की बातें उजगों की सीखा खून में तरदी पुरानी वो जिनकन कल की दुनिया में असली हूँ मैं असली दुल का पहली दुल का पहली हूँ मैं काग पे नाम लिखा है पर रूपे मेरा निशान लिखा है बिवारें उची हसते अंजान अंगल जड़ों में बसी है मेरी जान तुफान में जो जुगता नहीं वो मेरा अपना निशान मेरी बहचान मेरी रूगा साया है इसलिए मिट्टी ने मुझे आजमाया है खून ने बसी जो उनका ही कहानी वही मेरी रीत वही मेरी निशानी मैं हूँ मैं तागा मेरी जड़ों की गहराई है या जंजीरें तोड़के आगे बढ़ना है अपनी शर्तों पे मुझे लड़ना है कोई मुखोटा न कोई बहाना खुद कोई खुद से अब है मिलाना पिश में भी जो ठंग डी चाम सा लगे वो मेरा सत्य वो मेरी पहचान मेरी पहचान मेरे रोगा साया है इसी मिट्टी ने मुझे आजमाया है कून ने बसी जो अनकही कहानी वही मेरी रित वही मेरी निशानी में हूँ मैं रहता हूँ मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है मेरी जड़ों की गहराई है

मेरी पहचान

चेहरा खोया

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