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Duration3:40

बागी रूह

शोर चिंगारी

Indian Rock

About

यह गीत रॉक वाद्ययंत्रों और भारतीय शास्त्रीय रागों का एक शक्तिशाली मिश्रण है। इसमें भारी इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स के साथ तबला की तीव्र ताल और सितार की मधुर धुन का समावेश है, जो युवा विद्रोह की भावना को जीवंत करता है।

Lyrics

intro

हवाओं में अब ज़हर घुला हैपुराने रास्तों पे ताला लगा हैये ज़ंजीरें अब तोड़नी होंगीनई सुबह को मोड़नी होंगी

verse

किताबों के पन्नों में कैद ये जवानीसुनानी है अब एक नई अपनी कहानीये दीवारों पे लिखे जो रस्म-ओ-रिवाज़इनके खिलाफ उठाएंगे अब हम आवाज़भीड़ की चाल से डरना नहीं हैसिर्फ एक लकीर पे चलना नहीं है

pre-chorus

धड़कनों में शोर है, आँखों में चिंगारीबदलने को तैयार है ये दुनिया सारीथक चुके हैं हम अब घुटनों के बल चलनासीख लिया है हमने अब आग में जलना

chorus

उठो! इन बेड़ियों को तोड़ डालोतस्वीरें नई अपनी खुद ही बना लोये बंदिशें सारी आज राख कर दोतूफानों का रुख अब अपने हाथ कर लोहम बागी हैं, हम ही कल की पहचान हैंहम ही रूह, हम ही इस मिट्टी की जान हैं

sitar-solo
verse

वो कहते हैं रास्ता वही है जो पुरानाहमें मंज़ूर नहीं उनका ये बहानासवालों के घेरे में उनकी हर एक बातअंधेरों से लड़कर लाएंगे हम प्रभातये कड़वाहट जो घुल गई है रगों मेंउबल रहा है खून अब इन उमंगों में

pre-chorus

धड़कनों में शोर है, आँखों में चिंगारीबदलने को तैयार है ये दुनिया सारीथक चुके हैं हम अब घुटनों के बल चलनासीख लिया है हमने अब आग में जलना

chorus

उठो! इन बेड़ियों को तोड़ डालोतस्वीरें नई अपनी खुद ही बना लोये बंदिशें सारी आज राख कर दोतूफानों का रुख अब अपने हाथ कर लोहम बागी हैं, हम ही कल की पहचान हैंहम ही रूह, हम ही इस मिट्टी की जान हैं

bridge

ज़माना देखेगा जब हम निकलेंगेसितारों की राहों पे हम ही चलेंगेना कोई डर, ना ही कोई अब शर्म हैहमारा तो बस एक ही अब धर्म हैआज़ादी! आज़ादी! आज़ादी!

outro

ये आग बुझेगी नहींये लकीरें अब मिटेंगी नहींहम बदलेंगे, हम ही बदलेंगेहम ही कल की सुबह होंगेहम ही आज़ाद हैं।

बागी रूह

शोर चिंगारी

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