बागी रूह
शोर चिंगारी
Indian Rock
About
यह गीत रॉक वाद्ययंत्रों और भारतीय शास्त्रीय रागों का एक शक्तिशाली मिश्रण है। इसमें भारी इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स के साथ तबला की तीव्र ताल और सितार की मधुर धुन का समावेश है, जो युवा विद्रोह की भावना को जीवंत करता है।
Lyrics
हवाओं में अब ज़हर घुला हैपुराने रास्तों पे ताला लगा हैये ज़ंजीरें अब तोड़नी होंगीनई सुबह को मोड़नी होंगी
किताबों के पन्नों में कैद ये जवानीसुनानी है अब एक नई अपनी कहानीये दीवारों पे लिखे जो रस्म-ओ-रिवाज़इनके खिलाफ उठाएंगे अब हम आवाज़भीड़ की चाल से डरना नहीं हैसिर्फ एक लकीर पे चलना नहीं है
धड़कनों में शोर है, आँखों में चिंगारीबदलने को तैयार है ये दुनिया सारीथक चुके हैं हम अब घुटनों के बल चलनासीख लिया है हमने अब आग में जलना
उठो! इन बेड़ियों को तोड़ डालोतस्वीरें नई अपनी खुद ही बना लोये बंदिशें सारी आज राख कर दोतूफानों का रुख अब अपने हाथ कर लोहम बागी हैं, हम ही कल की पहचान हैंहम ही रूह, हम ही इस मिट्टी की जान हैं
वो कहते हैं रास्ता वही है जो पुरानाहमें मंज़ूर नहीं उनका ये बहानासवालों के घेरे में उनकी हर एक बातअंधेरों से लड़कर लाएंगे हम प्रभातये कड़वाहट जो घुल गई है रगों मेंउबल रहा है खून अब इन उमंगों में
धड़कनों में शोर है, आँखों में चिंगारीबदलने को तैयार है ये दुनिया सारीथक चुके हैं हम अब घुटनों के बल चलनासीख लिया है हमने अब आग में जलना
उठो! इन बेड़ियों को तोड़ डालोतस्वीरें नई अपनी खुद ही बना लोये बंदिशें सारी आज राख कर दोतूफानों का रुख अब अपने हाथ कर लोहम बागी हैं, हम ही कल की पहचान हैंहम ही रूह, हम ही इस मिट्टी की जान हैं
ज़माना देखेगा जब हम निकलेंगेसितारों की राहों पे हम ही चलेंगेना कोई डर, ना ही कोई अब शर्म हैहमारा तो बस एक ही अब धर्म हैआज़ादी! आज़ादी! आज़ादी!
ये आग बुझेगी नहींये लकीरें अब मिटेंगी नहींहम बदलेंगे, हम ही बदलेंगेहम ही कल की सुबह होंगेहम ही आज़ाद हैं।
बागी रूह
शोर चिंगारी
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