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Duration2:58

बदलाव की लहर

आवाज़-ए-इंकलाब

इंडियन इलेक्ट्रॉनिक

About

यह ट्रैक राग भैरवी के सूक्ष्म स्वरों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बेसलाइन और तीव्र तबला ताल के साथ जोड़ता है। इसमें सिंथेसाइज़र पैड्स और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का एक शक्तिशाली मिश्रण है, जो सामाजिक परिवर्तन की भावना को प्रेरित करता है।

Lyrics

आधों जित सुच्चित अंग्रो को प्राप्ति वाले ये जम्मीन सोए होए जाग रहा है अब अबदलाव की एक लहर आ रही आधों जित सुच्चित अंग्रो को प्राप्ति वाले ये जम्मीन सोए होए जाग रहा है अब अबदलाव की एक लहर आ रही जाग उठ उठ खड़े हो नी राहों पे तुम चल पड़ो सब बदल दो सब बदल दो ये वक्त है दिवारों के पार अब रुश्मी दिखती है सबनों की केमत अब महनद से मिलती है जो खामोश थे वो आज काने लगे हैं बदलाव के बीच अब समाने लगे हैं पुरानी रीट को अब बदलना ही होगा ने दौर का ये रास्ता चलना ही होगा ये बदलाव की हवा है इसे पैड़े दो डीलों के सारे दरे दर्द अब मिट चरे दो एक नया सावेरा अब सामुल ने खड़ा है से चाये गहिया फिर से मुड़ा है अंदर की आग को बुझने न देना होसलों की उड़ां को रुकने न देना हम एक हैं हम साथ हैं कई कल की सुबह हमारे हाथ है कर दो कि मैं आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको � हुआ है

बदलाव की लहर

आवाज़-ए-इंकलाब

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